
नई वंदे भारत ट्रेनें: प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को वाराणसी से 4 नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा, ‘दुनिया के विकसित देशों के विकास में बुनियादी ढाँचे की अहम भूमिका रही है और भारत भी उसी राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।’ उन्होंने ज़ोर देकर कहा, ‘अच्छी कनेक्टिविटी किसी शहर के विकास को गति देती है और बुनियादी ढाँचा सिर्फ़ बड़े पुलों या राजमार्गों तक सीमित नहीं है।’
4 ट्रेनों की सौगात
- काशी से खजुराहो वंदे भारत
- फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत
- लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत
- एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत
इन 4 नई वंदे भारत ट्रेनों के साथ, अब देश में 160 से ज़्यादा वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत’ जैसी ट्रेनों को भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव बताया और कहा कि ये ट्रेन भारतीय रेलवे को बदलने का एक संपूर्ण अभियान है। वंदे भारत भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए, भारतीयों द्वारा बनाई गई एक ऐसी ट्रेन है जिस पर हर भारतीय को गर्व है।
लखनऊ-सहारनपुर ट्रेन 6 दिन चलेगी
डीआरएम गौरव अग्रवाल के अनुसार, आज चार नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई है, जिनमें लखनऊ-सहारनपुर रूट की ट्रेन सोमवार को छोड़कर हफ़्ते में 6 दिन चलेगी।
एक स्थानीय नागरिक ने इस सौगात को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन काशी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह काशी, प्रयागराज, चित्रकूट और ऐतिहासिक व विश्व धरोहर स्थल खजुराहो को भी जोड़ती है।
बनारस-खजुराहो वंदे भारत: पर्यटन और समय की बचत
चार नई ट्रेनों में, बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस सबसे महत्वपूर्ण है, जिसे काशी और पूरे पूर्वांचल के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है। यह ट्रेन बनारस, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़कर धार्मिक पर्यटन को नई गति प्रदान करेगी। यह नई वंदे भारत सेवा यात्रियों को तेज़, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी, जिससे मौजूदा विशेष ट्रेनों की तुलना में लगभग 2 घंटे 40 मिनट की बचत होगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का वक्तव्य
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी स्टेशन का निरीक्षण किया और कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी स्टेशन से चार वंदे भारत सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। ये सभी सेवाएँ यात्रियों को सुविधा प्रदान करेंगी। चाहे अमृत भारत ट्रेनें हों, नमो भारत या वंदे भारत, यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई पीढ़ी की ट्रेनें लगातार शुरू की जा रही हैं। इसके साथ ही, देश भर के 1300 स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य भी चल रहा है।’
