
भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा, ये दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है. ट्रंप का दावा है कि भारत ने उन्हें ये आश्वासन दिया है कि वह रूस से होने वाले समुद्री कच्चे तेल के निर्यात पर लगाम लगाएगा. यह बात ऐसे समय में कही गई है, जब कुछ महीने पहले अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. ट्रंप ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे अमेरिका रूस के एनर्जी रेवेन्यू में कटौती करने की कोशिश तेज कर रहा है, वैसा ही चीन के साथ भी करने की कोशिश की जाएगी. बता दें कि भारत और चीन रूस से बड़ी मात्रा में समुद्री कच्चा तेल खरीदते हैं.
ट्रंप के बयान की न ही पुष्टि की है और न ही खंडन किया है. ट्रंप के टैरिफ लगाने के बाद भी भारत अब तक रूस से तेल खरीदने का लगातार बचाव करता रहा है. भले ही मास्को ने यूक्रेन पर हमला किया हो, लेकिन भारत ने कहा है कि ऊर्जा की कीमतें कम रखने और अपने घरेलू बाजार को स्थिर रखने के लिए रूसी तेल आयात जरूरी था.
क्या कहते हैं तेल निर्यात के आंकड़े
ट्रंप के दावे के बाद भी रूस अभी भी भारत के लिए तेल का सबसे बड़ा सोर्स है. कमोडिटी और शिपिंग मार्केट्स ट्रैकर केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 के पहले 8 महीनों में आयात में 10 प्रतिशत की गिरावट के बाद भी, अकेले सितंबर में भारत की आवक शिपमेंट में 34 प्रतिशत की हिस्सेदारी रही.
