
भारत में पुतिन के बड़े ऐलान | रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन दो दिन के भारत दौरे पर हैं। भारत दौरे के दूसरे दिन उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बाइलेटरल मीटिंग की जिसमें दोनों देशों के बीच ट्रेड समेत कई मुद्दों पर समझौते हुए। मीटिंग के बाद पुतिन ने कहा कि हमने भारत को न्यूक्लियर रिएक्टर टेक्नोलॉजी ऑफर की है।
भारत को पुतिन का खास ऑफर
व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि पिछले साल दोनों देशों का ट्रेड टर्नओवर 12 परसेंट बढ़ा है। हम बिना किसी रुकावट के बढ़ती भारतीय इकॉनमी के लिए फ्यूल की शिपमेंट के लिए तैयार हैं। हम कुडनकुलम में भारत का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने के प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहे हैं।
भारत-रूस ट्रांसपोर्ट के लिए नया कॉरिडोर बनाएंगे
पुतिन ने आगे कहा कि हम भारत के साथ मिलकर एक नया इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स रूट बनाने पर काम कर रहे हैं। जिसमें रूस और बेलारूस से हिंद महासागर तक इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर शामिल है।
डॉलर को बाय-बाय कहने की तैयारी
पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमें चुनौतियों की एक लिस्ट दी है, जिन पर दोनों सरकारों को ध्यान देने की ज़रूरत है, हम उन पर काम करेंगे। भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के बीच एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से मदद मिलेगी। भारत और रूस धीरे-धीरे बाइलेटरल पेमेंट के लिए नेशनल करेंसी का इस्तेमाल करने की ओर बढ़ रहे हैं। हम दोनों देशों के बीच ट्रेड को $100 बिलियन से ज़्यादा ले जाने की सोच रहे हैं।
ट्रंप की टेंशन क्यों बढ़ेगी?
गौरतलब है कि अभी ज़्यादातर देश एक-दूसरे के साथ US डॉलर में ट्रेड करते हैं। ऐसे में अगर पुतिन नेशनल करेंसी, यानी भारतीय रुपया और रूसी रूबल में ट्रेड का ऐलान करते हैं, तो अमेरिका को बड़ा झटका लगेगा। इससे पहले इसी मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत BRICS देशों को चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि वे डॉलर की जगह दूसरी करेंसी में ट्रेड करने के बारे में सोचें भी नहीं।
ट्रेड को लेकर बड़ी तैयारी
इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से ट्रेड को लेकर भारत समेत दुनिया के कई देशों पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने भारत पर भारी टैरिफ भी लगाए हैं। काफी कोशिशों के बाद भी भारत और US के बीच ट्रेड डील नहीं हो पाई। ऐसे में पुतिन ने भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की चर्चा छेड़ दी है।
इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत पर रूस से तेल खरीदना बंद करने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि, पुतिन ने आज ऐलान किया है कि रूस बिना किसी रुकावट के भारत को तेल सप्लाई करता रहेगा।
