
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ के हथियार से दुनिया के देशों पर अपनी धमक कायम करने की कोशिश करने में जुटे हैं। लेकिन अभी तक उनकी धमकियों का कोई खास असर नजर नहीं आ रहा है। चीन ने अमेरिका के प्रतिबंधों को पुरजोर तरीके से खारिज करते हुए कहा कि वह अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “चीन हाल ही में अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को दृढ़ता से खारिज करता है और अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि “चीन से निपटने के लिए हाई टैरिफ लगाने की धमकी देना सही तरीका नहीं है।
हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन डरते भी नहीं
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “उच्च शुल्क लगाने की धमकी देना चीन के साथ बातचीत का सही तरीका नहीं है।” प्रवक्ता ने आगे कहा, “यदि अमेरिका एकतरफा कार्रवाई करता रहता है, तो चीन अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए दृढ़तापूर्वक कदम उठाएगा। शुल्क युद्ध पर हमारी स्थिति एक जैसी है – हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन हम इससे डरते भी नहीं हैं।” बढ़ते तनाव का असर ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच दो हफ़्ते में दक्षिण कोरिया में होने वाली प्रस्तावित बैठक पर भी पड़ रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीजिंग के साथ तनाव कम करने की कोशिश करते हुए कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग “बेहद सम्मानित” हैं। ट्रंप ने दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर आशावादी दृष्टिकोण को रखा। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “चीन की चिंता मत करो, सब ठीक हो जाएगा! बेहद सम्मानित राष्ट्रपति शी जिनपिंग का हाल ही में एक बुरा दौर आया। वह अपने देश में मंदी नहीं चाहते, और न ही मैं। अमेरिका चीन की मदद करना चाहता है, उसे नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता!! व्हाइट हाउस ने भी एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें कहा गया, “यह विश्वास करना असंभव है कि चीन ने ऐसा कोई कदम उठाया होगा, लेकिन उन्होंने उठाया है, और बाकी सब इतिहास है। आपके ध्यान के लिए धन्यवाद।”
