
दिल्ली कार विस्फोट: अमेरिका ने दिल्ली में लाल किले के पास हुए घातक कार बम विस्फोट की जाँच में भारत को मदद की पेशकश की है। हालाँकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय जाँच एजेंसियों की दक्षता की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘उन्हें अमेरिकी मदद की ज़रूरत नहीं है।’
‘भारतीय अधिकारी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं’
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार (12 नवंबर) को कनाडा में आयोजित जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘हमने दिल्ली कार विस्फोट मामले में भारत को मदद की पेशकश की है। लेकिन मेरा मानना है कि वे (भारतीय जाँच एजेंसियाँ) बहुत सक्षम हैं। उन्हें हमारी मदद की ज़रूरत नहीं है और वे बहुत अच्छा काम कर रही हैं।’ यह बयान एनआईए जैसी भारतीय एजेंसियों की जाँच क्षमताओं में अमेरिका के विश्वास को दर्शाता है।
जी-7 बैठक में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता
कनाडा में जी-7 बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला, यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व की स्थिति और भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा की।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ‘X’ पर पोस्ट किया कि रुबियो ने दिल्ली कार विस्फोट में हुई मौतों पर अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा, “हमने द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर चर्चा की। हमने यूक्रेन संकट, पश्चिम एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।”
अमेरिकी दूतावास ने संवेदना व्यक्त की
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस भयावह घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “दिल्ली में हुए भीषण विस्फोट में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति हमारी संवेदना। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।”
