
कंगना रनौत का संसद में भाषण: आज लोकसभा में विंटर सेशन के सातवें दिन सांसद कंगना रनौत ने चुनाव सुधारों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इस साल संसद में जितने भी सेशन हुए हैं, वे विपक्ष के हंगामे के बीच ही हुए हैं, इसलिए एक नए सांसद के तौर पर मेरा अनुभव चिंताजनक है। उन्होंने विपक्ष द्वारा किए जा रहे विवादों, नारेबाजी और सदन की कार्यवाही में रुकावट डालने के तरीकों को लोकतंत्र विरोधी बताया है। विपक्ष द्वारा EVM हैक करने के आरोपों का जवाब देते हुए कंगना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी EVM हैक नहीं करते, बल्कि वह लोगों के दिल हैक करते हैं।
‘जब राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए, तो मुझे उम्मीद थी कि…’
कंगना ने अपने भाषण की शुरुआत SIR के खिलाफ विपक्ष द्वारा की गई नारेबाजी और हंगामे को याद करते हुए की। इस दौरान कंगना ने कहा, ‘जब सरकार कोई काम आगे बढ़ाती है, तो विपक्ष उसका विरोध करने के लिए नियम तोड़ देता है। विपक्ष के पास कोई ठोस तथ्य और कोई साफ रणनीति नहीं है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी जब बोलने के लिए खड़े हुए तो उम्मीद थी कि वे कोई बड़ा खुलासा करेंगे, लेकिन उन्होंने बिना तथ्यों और गंभीरता के भाषण दिया।’
कंगना ने उस महिला से माफी मांगी जिसकी तस्वीर का विपक्ष ने गलत इस्तेमाल किया
राहुल गांधी ने दावा किया था कि हरियाणा के राई विधानसभा क्षेत्र में 10 बूथों पर एक महिला ने अलग-अलग नामों से 22 वोट डाले थे और वह महिला ब्राजीलियन मॉडल मैथ्यूस फेरेरो थी, इस मुद्दे पर कंगना ने विदेशी महिला की तस्वीर जारी करने को गंभीर अपमान बताया है। उन्होंने कहा, ‘महिला ने खुद सोशल मीडिया पर कहा था कि उसका भारत से कोई संबंध नहीं है और वह कभी भारत नहीं गई है। फिर भी विपक्ष ने उस महिला की तस्वीर का गलत इस्तेमाल किया। मैं सदन की तरफ से उस महिला से माफी मांगती हूं। उसे गलत तरीके से जारी करके विपक्ष ने महिलाओं की गरिमा का अपमान किया है। कांग्रेस बार-बार महिलाओं का अपमान करने जैसी चीज़ों में शामिल है, जबकि प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए कई ज़रूरी कदम उठाए हैं।’
कंगना ने इंदिरा और सोनिया गांधी का ज़िक्र करके कांग्रेस पर निशाना साधा
विपक्ष ने जहां बार-बार EVM से छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं, वहीं कंगना ने उनके आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, ‘जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो बैलेट पेपर के ज़माने में चुनावों में गड़बड़ियां हुईं। इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण केस में चुनाव में गड़बड़ियां हुईं। इस केस में एक प्रधानमंत्री दोषी पाए गए थे। कांग्रेस EVM पर सवाल उठाती है, जबकि असली गड़बड़ियां उनके राज में हुईं। सोनिया गांधी बिना भारतीय नागरिक बने वोट देती रहीं।’
